अपना संस्थान, भीलवाड़ा, राजस्थान द्वारा पेड़, पानी, पॉलिथीन में कुछ प्रयोग करने के पश्चात, जैविक कृषि के लिए भीलवाड़ा एवं शाहपुर जिले के रुचि रखने वाले व्यक्तियों को ग्रामोदय जैविक प्रशिक्षण केंद्र का प्रयास प्रारंभ किया है। प्रथम प्रयास भीलवाड़ा में 8 अगस्त को किसान व उद्योगपतियों की संगोष्ठी के साथ प्रारंभ हुआ। उसके पश्चात कोटा स्थित गोयल ग्रामीण अनुसंधान केंद्र में श्री रामशांताय जैविक अनुसंधान केंद्र पर पहली बस 25 अगस्त को 47 व्यक्ति, दूसरी बस 31 अगस्त को उद्योगपति एवं प्रमुख कार्यकर्ता37 बंधु पुनः अवलोकन के लिए गए। तीसरी बस एक सितंबर शाहपुरा से 39 बंधु, चौथी बस 3 सितंबर को रायला के आसपास के ग्रामीणों की जाएगी। अभी तक जितने बंधु गए, अत्यंत उत्साहित है। यहां तक की भीलवाड़ा के उद्योगपतीयो ने 10 बसों का और संकल्प लिया।
ग्रामोदय जैविक प्रशिक्षण केंद्र, भीलवाड़ा एवं शाहपुरा
अपना संस्थान द्वारा जैविक कृषि हेतु ग्रामोदय जैविक प्रशिक्षण केंद्र का प्रयास भीलवाड़ा और शाहपुरा में प्रारंभ किया गया है।


