पर्यावरण संरक्षण गतिविधि की केंद्रीय योजना के अनुसार, प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ (13 जनवरी से 26 फरवरी 2025) को हरित बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय टोली के सदस्य — अजय जी (काशी), रणवीर जी (मथुरा) एवं विनोद जी (भीलवाड़ा) — प्रयागराज पहुँचे।
संघ कार्यालय में चंदन का पौधा रोपित करने के पश्चात टोली ने विविध प्रकार की बैठकें आयोजित कीं — गतिविधि के कार्यकर्ताओं, नारी शक्ति, स्वयंसेवी संस्थानों, पंडा-पुजारियों एवं जनसंवाद (सोशल मीडिया) के प्रतिनिधियों के साथ गहन संवाद हुआ।
हरित महाकुंभ समिति — 2025
(पर्यावरण युक्त, पॉलीथिन व डिस्पोजल मुक्त)
प्रयागराज महाकुंभ को हरित बनाने हेतु विस्तृत योजना तैयार की गई। समिति के माध्यम से पूरे देश में यह आग्रह किया गया कि प्रत्येक परिवार से एक थैला एक थाली कुंभ में भेजी जाए, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक व डिस्पोजल पर अंकुश लगाया जा सके।
यह बैठक 7–8 अक्टूबर 2024 को प्रयागराज में सम्पन्न हुई।
हस्तिनापुर में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि की अखिल भारतीय बैठक (5 व 6 अक्टूबर 2024, जैन स्थानक, हस्तिनापुर) संपन्न हुई। देश भर से आए पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आगामी वर्ष की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया और प्रकृति संरक्षण के संकल्प को और सुदृढ़ किया।
बैठक के समापन के बाद कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थलों — जम्बू द्वीप, दिगंबर जैन मंदिर एवं पांडव टीला के दर्शन किए।
इसके पश्चात प्रयागराज में चंद्रशेखर आजाद शहीद स्थल एवं संगम दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दर्शन यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के अटूट संबंध की स्मृति को ताजा किया।
















