मियावाकी जंगल (सघन वन)
जापान के91 वर्षीय वनस्पति वैज्ञानिक श्री अकीरा मियावाकी, आपको विश्व का सर्वोच्च बोटानिकल सम्मान (blue planet prize)2006 मे मिला है। इसी पद्धति के भारत के को- फाउंडर मुम्बई सेश्री आर के नैयर जी ने एक दिवसीय कार्यशाला 13 जुलाई 2019 को rcm world भीलवाड़ा, राजस्थान मे हुई। कार्यक्रम में राजस्थान के 20 स्थानों से 70 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मियावाकी जंगल यानी 100 स्क्वायर मीटर एरिया में 400 स्थानीय विविध प्रजाति के पौधे लगाने की तकनीक।
इसकी विशेषताएं- 1- न्यूनतम स्थान पर अधिकतम पौधे लगाना
2-न्यूनतम खर्च पर अधिकतम परिणाम
3- न्यूनतम समय में जंगल खड़ा होना (2 वर्ष)
4- न्यूनतम संभाल दो ढाई वर्ष करनी है।
5- जलस्तर बढ़ता है।
6- एक 2 वर्षों में ही कई प्रकार के पक्षी, कीट पतंग ,भ्रमर और जैविक क्रमी आ जाते हैं।
भीलवाड़ा में मियावाकी जंगल पद्धति पर एक दिवसीय कार्यशाला
भीलवाड़ा के RCM वर्ल्ड में मियावाकी तकनीक पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में 20 स्थानों के 70 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।





