Apna Sansthan
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अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक संस्थान

अपना सघन वन — मियावाकी तकनीक से प्रतापनगर विद्यालय (भीलवाड़ा 2019)

अपना संस्थान की प्रेरणा से 23 जुलाई 2019 को प्रतापनगर स्कूल मैदान, भीलवाड़ा में मियावाकी तकनीक से 51 प्रजातियों के 486 पौधे लगाए गए। 11 महीनों में पौधे 10-12 फुट ऊँचाई पा गए।

अपना सघन वन — मियावाकी तकनीक से प्रतापनगर विद्यालय (भीलवाड़ा 2019)

अपना संस्थान की प्रेरणा से 23 जुलाई 2019 को प्रतापनगर स्कूल मैदान, भीलवाड़ा में जापानी मियावाकी तकनीक से सघन वन रोपण किया गया। कार्यक्रम का नाम रखा गया — "अपना सघन वन"। सम्बोधि समूह सहित स्थानीय टेक्सटाइल मिलों ने सौजन्य-सहयोग किया।

अपना सघन वन — मियावाकी रोपण दिवस (23 जुलाई 2019, प्रताप नगर विद्यालय)

आँकड़े

  • लगभग 50 मीटर क्षेत्र में 51 प्रजातियों के 486 पौधे रोपे गए।
  • एक-एक से डेढ़ फुट ऊँचाई के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए।
  • मियावाकी तकनीक की विशेषता — 2 फुट चौड़ी व 30 फुट गहरी ट्रेंच में 100 से अधिक पौधे, सामान्य से 10 गुना तेज़ वृद्धि एवं 30 गुना अधिक घनत्व

11 महीनों में 10-12 फुट ऊँचा वन

रोपण के 11 महीने बाद ही पौधे 10-12 फुट ऊँचाई पा गए — जो सामान्यतः 2 वर्षों में मिलती है। वन में पक्षियों की चौपाल भी विकसित हुई; छाया एवं पानी की व्यवस्था होने से सैकड़ों पक्षी यहाँ आबाद हुए।

प्रेरक श्री रामपाल अनहरा ने बताया कि परिजनों के साथ प्रातः-सायं प्रतापनगर स्कूल मैदान में घूमने जाते समय मियावाकी तकनीक की जानकारी मिली — और उसी दिन निर्णय लिया कि इसी तकनीक से पौधारोपण कराया जाए। श्री सोनू पाराशर ने सहयोग किया।

दैनिक समाचार कवरेज — "कम खर्च में 30 गुना घना जंगल" / "एक साल में पौधा बनने लगता है पेड़"

तकनीक के 6 फायदे

  1. कम खर्च में 30 गुना घना जंगल — 2 फुट चौड़ी ट्रेंच में 100+ पौधे
  2. 10 गुना तेज़ वृद्धि — 2 साल का काम 11 महीने में
  3. पम्प-लाइन द्वारा जल-संरक्षण — गर्मी में भी हरियाली बनी रहे
  4. जीवंतता — कम समय में पौधे सघन व स्वस्थ
  5. ऑक्सीजन बैंक — वन जलवायु को सुधारते हैं
  6. भूमि की जल-धारण क्षमता बढ़ती है