आभार मोदी जी
बिटिया हेमाक्षी संग वंशजी सोमानी, भीलवाड़ा,राजस्थान।
के मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद पत्र पाकर पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
छोटी बिटिया गौरांगी संग अनुज जी पुनिया, हिसार, हरियाणा। का विवाह भी सानंद संपन्न हो गया। पर्यावरण पूरक विवाह में हमने निम्न प्रयोग किए। 1-निमंत्रण पत्रिका छपवाने के स्थान पर केवल ई- पत्रिका भेजी । 2- ई पत्रिका को संस्कृत भाषा (जो कि विश्व की सभी भाषाओं की जननी है) में बनाया गया। 3- जैविक कचरा अर्थात फल -सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती आदि को अलग रख कर उसे सीधा पशुओं के खाने के लिए डाला गया। 4- बचे हुए पक्के भोजन को अविलंब वितरित किया गया। 5- पॉलिथीन का उपयोग न्यूनतम करते हुए, इसे पृथक रूप से एकत्रित करके उसका समुचित निस्तारण किया गया। 6- हरे पेड़ों को काट कर बनाए जाने वाले पेपर नेपकिन का उपयोग न्यूनतम किया गया। 7- यथासंभव डिस्पोजल का न्यूनतम उपयोग व पानी पीने के लिए स्टील के लोटे एवं गिलास का उपयोग किया गया। 8- फेरे में बैठने से पहले वर वधु द्वारा पौधारोपण किया गया। 9- आगंतुक महानुभाव केंद्रीय पर्यावरण संरक्षण गतिविधि (G-26) की टोली द्वारा 55 पौधे लगाए गए।
10- गिफ्ट पेपर नहीं लगाए गए एवं कपड़े के थैले दिए गए।
पुनः उन सभी का आभार जिन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद दिया।
भीलवाड़ा में पर्यावरण पूरक विवाह
भीलवाड़ा में विवाह समारोह के दौरान ई-पत्रिका, जैविक कचरा प्रबंधन और पॉलिथीन का न्यूनतम उपयोग कर पर्यावरण पूरक विवाह किया गया।




