सुविचार अभियान के अंतर्गत पांच दिवसीय जैविक कृषि प्रशिक्षण आयोजित हुआ। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती, चारागाह विकास, जल-संरक्षण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्राम-विकास कार्यों पर चर्चा एवं अभ्यास किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं और किसानों को दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रयासों से जोड़ने की दिशा में आयोजित किया गया।
