अपना संस्थान जल संचयन को अपनी प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान देता है। संस्थान का उद्देश्य जल के प्राकृतिक स्रोतों को संरक्षित करना और पानी की कमी की समस्या का समाधान ढूँढ़ना है।
वर्षा जल संचयन
इसके तहत वर्षा जल संचयन की तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है, जैसे परंपरागत जलाशयों का पुनर्निर्माण, तालाब गहरीकरण, और जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र
अपना संस्थान ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए कई पहल की हैं।
भीलवाड़ा में जल संरक्षण व संचयन का कार्य वर्ष 2002 से किया जा रहा है। अब तक लगभग 3,500 केन्द्रों पर जल संरक्षण के कार्य प्रगति पर हैं। संस्थान का प्रयास है कि प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण हो और जल की उपलब्धता ग्रामीण समुदायों के लिए सुनिश्चित की जा सके।
