Apna Sansthan
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अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक संस्थान

अपना संस्थान शुभारंभ एवं खेजड़ली स्मारक यात्रा (6 मार्च 2016)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक माननीय डॉ. मोहन भागवत द्वारा 6 मार्च 2016 को अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक (अपना) संस्थान का विधिवत शुभारंभ। इसी अवसर पर संस्थान के संस्थापक सदस्यों ने खेजड़ली स्मारक (जोधपुर) की पवित्र यात्रा की — जहाँ 1730 ई. में अमृता देवी विश्नोई एवं 363 बंधुओं ने वृक्ष-रक्षा हेतु बलिदान दिया था।

अपना संस्थान शुभारंभ एवं खेजड़ली स्मारक यात्रा (6 मार्च 2016)

स्थापना-पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की 2015 झाँसी बैठक में पर्यावरण संरक्षण-संवर्धन पर प्रस्ताव पारित हुआ। राजस्थान क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं के विचार-विमर्श स्वरूप 3 जनवरी 2016 को अमृतादेवी पर्यावरण नागरिक (अपना) संस्थान की स्थापना किशनगढ़ (अजमेर) में की गई।

शुभारंभ समारोह संघ के सरसंघचालक माननीय डॉ. मोहन भागवत द्वारा 6 मार्च 2016 को संपन्न कराया गया।

खेजड़ली स्मारक — अमृता देवी विश्नोई बलिदान स्थल (जोधपुर)

शुभारंभ दिवस पर संस्थान के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने खेजड़ली स्मारक, जोधपुर की पवित्र यात्रा की। यह वही पवित्र स्थल है जहाँ 1730 ई. में अमृता देवी विश्नोई, उनकी तीन बेटियाँ एवं 363 बंधुओं ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा में प्राणों का बलिदान दिया था — जिसने आधुनिक भारतीय पर्यावरण-चेतना की नींव रखी।

अपना संस्थान — सामूहिक पौधारोपण शुभारंभ, खेजड़ली परिसर

खेजड़ली स्मारक दर्शन

स्मारक परिसर में अमृता देवी की स्मृति में बने मंदिर, पारंपरिक विश्नोई झोंपड़ी (कच्ची मिट्टी-फूस), पंचवटी एवं बलिदान-चित्र के दर्शन किए गए।

खेजड़ली स्मारक मुख्य भवन

अमृता देवी विश्नोई बलिदान-चित्र — "To save trees, Bishnoi people sacrificed their lives in 1730 AD in village Khejarli, Jodhpur"

पारंपरिक विश्नोई झोंपड़ी — स्मारक परिसर

पौधारोपण संकल्प

यात्रा के दौरान प्रतीकात्मक रूप से वृक्षारोपण एवं संकल्प-पाठ किया गया।

वृक्ष-रोपण एवं संकल्प

प्रातःकालीन वृक्ष-पंक्ति — खेजड़ली परिसर


यह आयोजन अपना संस्थान का शुभारंभ-दिवस है। उसी वर्ष (2016-17) में संस्थान ने भीलवाड़ा एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में पहला पौधारोपण अभियान आरंभ किया — देखें अपना संस्थान प्रथम वर्ष कार्यक्रम (2016-17)